Tuesday, 14 August 2018

सोच नहीं है मेरी परे
इन कर्तव्यों को कैसे उठाऊँगा
धीरे-धीरे इस मिट्टी में
धुलते - मिलते जाऊँगा


2 comments:

  1. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं संजय भास्कर हार्दिक स्वागत करता हूँ.

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    1. सर बहुत बहुत धन्यवाद

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