Satish sahi
Sunday, 16 December 2018
जब हम बच्चों को भगवान का स्वरूप मानते हैं
तो हम उन पर अपनी मान्यताएं क्यों थोपते हैं
सतीsh
2 comments:
दिगम्बर नासवा
17 December 2018 at 20:02
भगवान मानते हैं मुझे शक है ...
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Satish sahi
20 December 2018 at 04:48
नहीं सर मैं सब को मानता हूँ
बस मन में कुछ था निकल गया
जय हिन्द
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भगवान मानते हैं मुझे शक है ...
ReplyDeleteनहीं सर मैं सब को मानता हूँ
Deleteबस मन में कुछ था निकल गया
जय हिन्द